Category: औद्योगिक विकास
-
Watch video ‘Withdraw Draft EIA Notification 2020’: Kailash Meena
Watch Kailash Meena, a human rights Activist from Rajasthan, speaking on Draft EIA Notification 2020… राजस्थान के मानवाधिकार कार्यकर्ता कैलाश मीणा पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन अधिसूचना 2020 पर अपने विचार रखते हुए…
-
पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन अधिसूचना 2020: औद्योगिक हितों को तरजीह
नेसार अहमद पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत देश में विभिन्न परियोजनाओं को पर्यावरण, वन एवं मौसम बदलाव मंत्रालय से पर्यावरणीय अनुमति (environmental clearance-EC/environmental permission-EP) लेनी होती है। यह अनुमति इसी क़ानून के तहत जारी किये गए पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन अधिसूचना (Environmental Impact Assessment-EIA Notification) के नियमों के अनुसार दी जाती है। वर्तमान…
-
उदारीकरण के दौर में मजदूर
—
by
जावेद अनीस 1991 से शुरू हुए आर्थिक सुधारों के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, इन 25 सालों के दौरान देश की जीडीपी तो खूब बढ़ी हैं और भारत दुनिया के दस बड़े अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है I आज जब “महाबली” चीन सहित दुनिया भर की तमाम बड़ी अर्थव्यवस्थायें मंदी की गिरफ्त में…
-
रिसर्जेंट राजस्थान – आशा और चिंताएं
नेसार अहमद वाइब्रेन्ट गुजरात, प्रोग्रेसिव पंजाब, रिसर्जेंट राजस्थान, इमर्जींग केरला, इन्वेस्ट कर्नाटका…… भारतीय राज्यों में देशी विदेशी निवेशकों को अपने यहां निवेश करने के लिये आकर्षित करने की होड़ मची हुई है। राजस्थान की भाजपा सरकार भी इस मामले में पीछे नहीं रहना चाहती है। अपने लगभग दो साल के शासन काल में राजस्थान सरकार…
-
विश्व स्तर पर तेज हो रही विकास की बहस
भारत डोगराविश्व विकास की दृष्टि से वर्ष 2015 का एक विशिष्ट महत्त्व है। यह वर्ष सन् 2000 में तय किए गए मिलेनियम विकास लक्ष्य प्राप्त करने का अंतिम वर्ष है। सहस्राब्दी के आरंभ होने पर सितंबर 2000 में मिलेनियम महासम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आठ सहस्राब्दी उद्देश्य निर्धारित…
-
जमीन लूट की गारंटी देता भूमि अधिग्रहण अध्यादेश
ग्लैडसन डुंगडुंग देश में तथाकथित विकास परियोजनाओं के द्वारा विस्थापित लोगों के लिए मुआवजा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना की मांग को लेकर लम्बे समय से चले जनांदोलनों के बदौलत भारतीय संसद ने किसान, आदिवासी रैयत एवं कृषक मजदूरों को भयभीत करनेवाला अंग्रेजों द्वारा लागू किया गया ‘भूमि अधिग्रहण कानून 1894’‘ को खारिज करते हुए ‘‘भूमि अर्जन,…
-
तीव्र आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य बनाम पर्यावरण, किसानों एवं मजदूरों के हित
(बार्क के त्रैमासिक पत्र ‘बजट समाचार’ के नए अंक से) पिछले वर्ष राज्य (राजस्थान) में तथा इस वर्ष केन्द्र में नई सरकारों का गठन हो चुका है तथा राज्य एवं केन्द्र सरकारें अपनी नीतियां तथा कार्यक्रम अब स्पष्ट कर रही हैं। केन्द्र सरकार तेजी से फैसला लेने पर जोर देते हुए अब तक…
-
घटते किसान, बढ़ते कृषि मज़दूर
A part of this article published in Daily News, Jaipur नेसार अहमद भारत की जनगणना 2011 के रोजगार संबंधित आंकड़े जारी हो गये हैं। इन आंकड़ों ने पिछले दो दशकों में कृषि तथा किसानों की बदतर हो रही स्थिति को ही उजागर किया है। उदारीकरण एवं वैश्वीकरण के दौर में बढ़ते लागत खर्च, आयात-निर्यात पर…