Category: Hindi
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प्रोजेक्ट बक्सवाहा – बुंदेलखंड के अमेज़न पर ख़तरा
जावेद अनीस पृथ्वी सभी इंसानों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरा करने के लिए नहीं. (महात्मा गाँधी) भ्रष्ट सत्ता और लालची कॉर्पोरेट का गठजोड़ खतरनाक होता है और जब ये दोनों मिलकर प्राकृतिक संसाधनों के लिये पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करते हैं तो इसका परिणाम बहुत…
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कोरोना और विकास की अवधारणा
देश में कोरोना मरीज़ों की संख्या 20 लाख से अधिक हो गयी है जिसमें से दो तिहाई से अधिक मरीज़ ठीक हो चुके हैं लेकिन सक्रिय मामलों कि संख्या अभी भी 6 लाख से अधिक है। देश में कोरोना से अब तक 42 हज़ार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। कोरोना एक महामारी का रूप…
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पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन अधिसूचना 2020: औद्योगिक हितों को तरजीह
नेसार अहमद पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत देश में विभिन्न परियोजनाओं को पर्यावरण, वन एवं मौसम बदलाव मंत्रालय से पर्यावरणीय अनुमति (environmental clearance-EC/environmental permission-EP) लेनी होती है। यह अनुमति इसी क़ानून के तहत जारी किये गए पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन अधिसूचना (Environmental Impact Assessment-EIA Notification) के नियमों के अनुसार दी जाती है। वर्तमान…
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उदारीकरण के दौर में मजदूर
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जावेद अनीस 1991 से शुरू हुए आर्थिक सुधारों के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, इन 25 सालों के दौरान देश की जीडीपी तो खूब बढ़ी हैं और भारत दुनिया के दस बड़े अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है I आज जब “महाबली” चीन सहित दुनिया भर की तमाम बड़ी अर्थव्यवस्थायें मंदी की गिरफ्त में…
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रिसर्जेंट राजस्थान – आशा और चिंताएं
नेसार अहमद वाइब्रेन्ट गुजरात, प्रोग्रेसिव पंजाब, रिसर्जेंट राजस्थान, इमर्जींग केरला, इन्वेस्ट कर्नाटका…… भारतीय राज्यों में देशी विदेशी निवेशकों को अपने यहां निवेश करने के लिये आकर्षित करने की होड़ मची हुई है। राजस्थान की भाजपा सरकार भी इस मामले में पीछे नहीं रहना चाहती है। अपने लगभग दो साल के शासन काल में राजस्थान सरकार…
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भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव की नाकाम कोशिश: किसानों व आदिवासीयों की जीत
नेसार अहमद पिछले 30 वर्षो में पहली बार लोकसभा में पुर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई भाजपा सरकार को संसद के भीतर और बाहर भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर मुंह की खानी पड़ी। सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने 2013 में मनमोहन सिंह सरकार द्वारा पारित भूमि अधिग्रहण, पुनःस्थापन एवं पुनर्वास में उचित…
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पंचायत में नारी : पंचायती राज संस्थाओं में महिला आरक्षण के प्रभाव
मैं लडूंगी, जीतूंगी और आगे बढूंगी जावेद अनीस “इस बार सरपंच पद अनारक्षित महिला वर्ग का है, कई उम्मीदवार होंगें, मैं भी एक उम्मीदवार हूँ, मैं आपके बीच की ही एक सामान्य नागरिक हूँ, ना मेरे पास धनबल है, ना बाहुबल और ना ही राजनीतिक छल, बस मेरे पास तो आपका जनबल है जिसके विश्वास…
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विश्व स्तर पर तेज हो रही विकास की बहस
भारत डोगराविश्व विकास की दृष्टि से वर्ष 2015 का एक विशिष्ट महत्त्व है। यह वर्ष सन् 2000 में तय किए गए मिलेनियम विकास लक्ष्य प्राप्त करने का अंतिम वर्ष है। सहस्राब्दी के आरंभ होने पर सितंबर 2000 में मिलेनियम महासम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आठ सहस्राब्दी उद्देश्य निर्धारित…
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जमीन लूट की गारंटी देता भूमि अधिग्रहण अध्यादेश
ग्लैडसन डुंगडुंग देश में तथाकथित विकास परियोजनाओं के द्वारा विस्थापित लोगों के लिए मुआवजा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना की मांग को लेकर लम्बे समय से चले जनांदोलनों के बदौलत भारतीय संसद ने किसान, आदिवासी रैयत एवं कृषक मजदूरों को भयभीत करनेवाला अंग्रेजों द्वारा लागू किया गया ‘भूमि अधिग्रहण कानून 1894’‘ को खारिज करते हुए ‘‘भूमि अर्जन,…